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खेल खेल में!

अगर हम आप सबसे एक सवाल पूछें की खेल क्या है  तो निसंदेह सबकी प्रतिक्रियाएं अलग अलग होगी मगर मूल एक होगा की खेल मनोरंजन का साधन है जो  हमारे अन्दर एक स्फूर्ति लाता है और हमें प्रतिस्पर्धी बनाता है. थोडा और गहराई में पूछें तो प्रतिक्रियाएं और बढती जाएँगी की साहब आजकल खेल व्यवसाय बन कर रह  गया है,खेल अब खेल कहाँ पैसे और ग्लेमर के अधीन हो चूकाहै. इसमें कोई शक नहीं है की खेल के माध्यम से हमें प्रतिभाएं मिलती हैं, देशों के बीच सांस्कृतिक गतिविधियाँ बढती हैं परन्तु खेल को अगर हम खेल ही रहने दें तो अच्छा होगा, बनस्पथ इस में दूषित चीजें जैसे भ्रस्टाचार, पैसा (सट्टा या फिक्सिंग), राजनीति वगेरह न मिला दें जिससे ये खेल न होकरकुछ और हो जाता है. क्रिकेट की अगर बात करें तो इसे कभी भद्र पुरुषों का खेल या Gentlemen ‘s  गेम कहा जाता था, आज परिस्थिति यह  है की अधिकाँश लोग इसे पैसा बनाने का साधन और ग्लेमर से जोड़ते हैं. क्रिकेटर्स कभी सम्मानजनक व्यक्ति होते थे जो देश के प्रतिनिधी थे, प्रतिनिधी आज भी हैं, हीरो आज भी हैं मगर उसके साथ साथ कई और गतिविधियों में लिप्त रहते हैं. अगर कोई खेल पैसे, ग्लेमर, सट्टे या फिक्सिंग के  दंश से  सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है तो वो क्रिकेट ही है.  कल से जो आप ख़बरों में देख रहे हैं की कैसे पाकिस्तानी टीम फिक्सिंग के आरोपों से जूझ रही है वो इसका जीता जागता प्रमाण है.  यह कोई नयी बात नहीं है,  पिछले दशक को उठा के देख लीजिये चाहे वो दक्षिणअफ्रीका के Hansie Cronje हो, पाकिस्तान के Salim Malik  हो या फिर भारत के Mohd . Azharuddin  इन सब पे मैच फिक्सिंग की वजह से आजीवन प्रतिबन्ध लगा. पैसे की चकाचौंध ने खिलाडियों को बिकने पे आमादा किया और सट्टेबाज़ की पौ-बारह हो गयी. लोर्ड्स टेस्ट का उदाहरण लें तो अब किस ओवर में गेंदबाज़ कौन सी गेंद किस प्रकार डालेगा इसका तक पूर्व आंकलन किया जा चूका होता है. पाकिस्तान टीम निसंदेह सवालों के घेरे में है और पूर्व ICC  अध्यक्ष Melcom  Speed  ने तो यहाँ तक मांग रख दी की अंतर-राष्ट्रीय क्रिकेट से पाकिस्तान को कुछ समय के लिए निलंबित कर देना चाहिए. चर्चाओं का बाज़ार गरम है और अगले कुछ दिन टीम और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पर भारी पड़नेवाले हैं. मगर अहम् सवाल यहाँ  यह उठता है की क्या वाकई  खिलाडियों के भीतर देश प्रेम की भावना विलुप्त होती जा रही है, क्या वाकई पैसा खेल और स्वाभिमान से ऊंचा है, क्या आने वाले समय में हमें ये भी सुनने मिले की जनाब टॉस  तो हुआ पर वो भी फिक्स था और खेल का निर्णय मैच के एक दिन पहले ही चूका हो और प्रशंसक मूर्ख बने देखते रहे और यही सोचे की “Its Part & Parcel of the Game.”

सवाल  झकझोरनेवाला है और इसका जवाब……

स्टेन गन है या ह′ अमला’


जी हाँ! बिलकुल सही पढ़ा आपने. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गयी  पहली टेस्ट मैच में यही हुआ. नागपुर के जमता 

स्टेडियम में खेली  जा रही  श्रंखला के पहली मैच में दक्षिण अफ्रीका ने टस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया. खेल के तीसरे ओवर तक ये फैसला गलत नज़र आने लगा जब ज़हीर खान ने पहली अश्वेल प्रिंस को उठती हुई बौंसर पे विक्केट के पीछे आउट करवाया तत्पश्चात कप्तान ग्रेमे स्मिथ की गिल्लियां बिखेरते हुए उन्हें चलता  किया .दक्षिण अफ्रीका टीम ६ रन पे २ विक्केट गवां के मुश्किल में थी.उस वक़्त विक्केट पे दोनों बल्लेबाज़ हाशिम अमला और जाक्स कल्लिस खाता भी नहीं खोल पाए थे परन्तु ये दोनों बल्लेबाज़ शायद किसी और संकल्प के साथ उतारेथे. इन २ विकेट्स के बाद पूरा दिन भारतीय गेंदबाज़ विकेट्स के लिए तरसते रहे. कल्लिस ने पहले रक्षात्मकतथा बाद में आक्रामक रुख अपनाया और अपना ३४थ शतक पूरा किया इसके साथ ही उन्होंने अपनेकरियर के १०,००० रून्स भी पूरे किये. एक तरफ अगर

कालिस पारी को मजबूती दे रहे थे तोह दोस्सरे छोर पे अमला ने भीउनका बखूबी साथ निभाया और शतक ठोंक दिया. दुसरे दिन का पहला सत्र  भी लगभग ऐसा ही था जब भारतीय गेंदबाज़ विक्केट के लिए तरसते दिखे.

कालिस ने बेहतरीन १७३ रन की पारी खेली और अपनी टीम की मजबूत आधारशिलाराखी. लेकिन अमला का हमला जारी था और उन्होंने अपना दोहरा शतक ठोंक दिया. दक्षिण अफ्रीका टीम ने तीसरे सत्र में जल्दी जल्दी रन जोड़े. हालांकि इस बीच कुछ विकेट्स भी गए लेकिन तब तक पहाड़ सा स्कोर बन चुक्का था जो भारतीय टीम को चिंता में डालने के लिए काफी था. अमला ने नाबाद २५३ की पारी खेली और दक्षिण अफ्रीका टीम ने ५५८/६ पे पारी घोषित की.भारत ने पहली पारी की शुरुवात तेज़ी से की और दुसरे दिन का खेल ख़तम होने तक २५ रन बना लिए और दोनों सलामी बल्लेबाज़ इस उम्मीद के साथ पविलिओं लौटे की कल का दिन ज़बरदस्त बल्लेबाजी कर टीम को संकट से निकलना है.जहाँ पहले दो दिन गेंबाज़ों के लिए सूखे साबित हुए तीसरे दिन ने विकेट्स की झाधि लगा दी. स्तेयं ने भारतीय पारी को ध्वस्त करते हुए ७ विक्केट निकले. पूरी टीम २३३ पे सिमट गयी और फोल्लो ओन्न खेलना पड़ा. पहली पारी का मुख्याआ कर्षण सहवाग की जुझूरू १०९ रन की पारी थी जिसने कुछ हद तक लाज बचायी. दूसरी पारी आगाज़ भी वैसे ही हुआ तथा तेस्सरे दिन का खेल ख़तम होने तक ६६-२ विक्केट गवां के भारत संकट में था. दूसरी पारी में केवल सचिन ने सुन्शार्ष जारी रखा तथा अपना ४६वे शतक बनाया  परन्तु येशत कभी किसी काम न आ सका और टीम ३१९ पे अलआउट हो गयी जिसके फलस्वरूप दक्षिण अफ्रीका ने मैच पारी और ६ रन से जीत लिया. दूसरी पारी में भी स्तेयं ने ३ तथा स्पिन्नेर हर्रिस ने ३ विक्केट झटके. स्तेयं ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच में १०  विकेट्स हासिल किये .हाशिम  अमला को उनकी शानदार पारी के लिए मन ऑफ़ धी मैचखिताब से नवाज़ा गया.Shams n Wags की प्रतिक्रिया व्यक्तिगत रूप से हम इस हार से काफी दुखी हैं तथा टीम सेलेक्शन से नाखुश.हाल ही मैं कई ऐसे खिलाडी उभरे जिन्होंने घरेली क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया मगर उन्हें नज़रंदाज़ किया
गया साथ ही साथ सीनीर प्लायेर्स का चोटिल होना चिंता का विषय है परन्तु जिन्हें मौके मिले वो इसे ठीक ढंग से भुना नहीं पाये. अंत में दक्षिण अफ्रीका टीम को बधाई की कम समय में ही पूरी टीम ने परिस्तिथियों के हिसाब से अपने आप को ढाला और शानदार खेल से विजय प्राप्त की.श्रंखला का दूसरा मैच कोल्कता के एड्दन्न गार्डेन्स में १४-१८ फेब १० को खेला जायेगा.

लंका दहन



जिस प्रकार भगवन श्री राम और उनकी वानर सेना ने रावण की लंका का दहन कर विजय प्राप्त की थी ठीक उसी प्रकार  तीसरे टेस्ट मैच में धोनी और  उनकी सेना ने श्री लंका को पराजित कर श्रंखला २-० से जीत ली तथाICC Test Ranking में पहले पायेदान पर विराजमान हुए!

 मुंबई के Brabourne Stadium में ३६ साल बाद कोई टेस्ट मैच खेला गया जो ऐतिहासिक बन गया! लंका दहन के महा -नायक अगर हनुमान थे तोह Brabourne में जीत के हीरो वीरेंदर सहवाग रहे! हालांकि वे अपने तिहरे शतक से वंचित हुए परन्तु उनकी २९४ रन की शानदार  पारी ने भारत की जीत की नीव राखी भारत ने ये मैच पारी और २४ रन से जीता और टेस्ट मैचेस की ICC Ranking में पहले स्थान पर कब्ज़ा किया! भारत ने १९३२ में टेस्ट मैचेस में पर्दार्पण (debut) किया था, इस प्रकार ७७ वर्षों के करियर में पहली बार टीम इस स्थान पर पहुंची है! श्रीलंका के साथ २ T-20 मत्चेस और ५ODI अभी खेलना बाकीहै! T-20 का पहला मैच आज ९ दिसम्बर’०९ को  नागपुर में खेला जायेगा! शैम्स n  वैग्स की तरफ से पूरी टीम को जीत की बधाईJJ

मामला गंभीर है!!

हमारे देश में क्रिकेट एक खेल न हो के जूनून है और ये जूनून उस वक़्त सर चढ़ के बोलता है जब टीम निरंतर विजय प्राप्त कर रही होती है!क्रिकेट के असली स्वरुप टेस्ट मैचो में पिछले कुछ समय में भारतीय टीम का प्रदर्शनसराहनीय रहा है! लम्बे अरसे से टीम में सलामी जोड़ी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी,जो की वीरेंदर सहवाग और गौतम गंभीर के आने से लगभग पूर्ण हुई है! खेल के तीनो प्रारूप में इस जोड़ी ने धमाल मचाया है! हम सभी सहवाग और गौती की बल्लेबाजी शैली(style) बखूबी पहचानते हैं! सहवाग अगर आक्रामक हैं तोह गंभीर ने अपनी एक अलग पहचान बना राखी है! व्हो परिस्थिति के मुताबिक़ अपने खेल को ढाल लेते हैं जो की एक अच्चा बल्लेबाज़ ख़ास तौर पर एक सलामी बल्लेबाज़ के लिए बेहद आवयशक है! गंभीर की गंभीरता का परिचय इस बात से लगाया जा सकता है की पिछले ८ टेस्ट मैचेस में उन्होंने ४ शतक बनाये हैं औरहाल ही मैं कानपूर टेस्ट में उनकी सहवाग के साथ साझेदारी ने टीम को विशाल स्कोर करने में मुख्या भूमिका निभाई थी! गंभीर को हाल ही में ICC ‘टेस्ट प्लयेर ऑफ़ धी इयर’ का खिताब दिया गया था जो की उनकी टेस्ट मैचेस में खेली गयी शानदार पारियों और साझेदारियों का परिचायक है! इस सब को देख के वाकई लगता है“मामला गंभीर है!!!!”

शैम्स